पीएम किसान योजना: 22वीं किस्त के वितरण में हो सकती है देरी; जानें क्या हैं मुख्य कारण

PM Kisan Yojana

PM Kisan Yojana – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को मिलने वाली 22वीं किस्त को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। हालांकि सरकार ने यह किस्त 13 मार्च 2026 को जारी कर दी है, लेकिन कई किसानों के खातों में अभी तक पैसा नहीं पहुंचा है। :contentReference[oaicite:0]{index=0} ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इस बार भुगतान में देरी क्यों हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह देरी मुख्य रूप से तकनीकी और सत्यापन से जुड़ी समस्याओं के कारण हो सकती है। सरकार ने भी इस बार लाभार्थियों की जांच को और सख्त किया है, ताकि केवल योग्य किसानों को ही लाभ मिल सके। यही वजह है कि कई मामलों में भुगतान रुका हुआ है या देर से पहुंच रहा है।

e-KYC और आधार लिंकिंग सबसे बड़ी वजह

इस बार देरी का सबसे बड़ा कारण e-KYC पूरा न होना और आधार लिंकिंग की समस्या माना जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों ने e-KYC पूरी नहीं की है, उन्हें किस्त का पैसा नहीं मिलेगा। इसके अलावा, अगर आधार नंबर बैंक खाते से लिंक नहीं है, तो DBT के जरिए पैसा ट्रांसफर नहीं हो पाता। :contentReference[oaicite:1]{index=1} कई मामलों में मोबाइल नंबर आधार से लिंक न होने के कारण OTP वेरिफिकेशन भी फेल हो जाता है। इसलिए किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी करें और सभी जरूरी लिंकिंग अपडेट करें।

बैंक डिटेल और रिकॉर्ड में गड़बड़ी

कई किसानों को भुगतान न मिलने की वजह गलत बैंक डिटेल और रिकॉर्ड में गड़बड़ी भी है। अगर बैंक अकाउंट नंबर या IFSC कोड गलत दर्ज है, तो ट्रांजेक्शन फेल हो सकता है। इसके अलावा, यदि बैंक खाता बंद, निष्क्रिय या ब्लॉक हो चुका है, तो भी पैसा नहीं पहुंचता। :contentReference[oaicite:2]{index=2} कुछ मामलों में नाम की स्पेलिंग या आधार और बैंक डिटेल में मिसमैच भी समस्या बन जाता है। ऐसे में किसानों को अपने बैंक और दस्तावेजों की जानकारी सही और अपडेट रखना बेहद जरूरी है।

लाभार्थी सत्यापन और फर्जी नाम हटाने की प्रक्रिया

सरकार इस बार लाभार्थी सत्यापन पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसके कारण भी देरी देखने को मिल रही है। कई राज्यों में अयोग्य किसानों को सूची से हटाया जा रहा है, ताकि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। :contentReference[oaicite:3]{index=3} जांच के दौरान डुप्लीकेट नाम, एक ही परिवार के कई सदस्य या गलत तरीके से पंजीकरण करने वाले लोगों को हटाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के चलते कुछ वास्तविक लाभार्थियों का भुगतान भी अस्थायी रूप से रुक सकता है।

जमीन रिकॉर्ड और तकनीकी समस्याएं भी जिम्मेदार

देरी का एक और बड़ा कारण जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन और तकनीकी दिक्कतें हैं। कई राज्यों में भूमि रिकॉर्ड अभी भी अपडेट या सत्यापित नहीं हैं, जिससे भुगतान अटक सकता है। :contentReference[oaicite:4]{index=4} इसके अलावा, सर्वर इश्यू, DBT फेलियर या बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी समस्याएं भी ट्रांजेक्शन को प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें और किसी भी गलती को तुरंत सुधारें।

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